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प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्लोमा

Diploma in Primary and Community Health Training Program (DPCHTP)

हिन्दी स्तर में प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सा प्रशिक्षण में यह डिप्लोमा पाठ्यक्रम ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु प्रशिक्षित करता है।

इस पाठ्यक्रम में सामान्य बीमारियों का उपचार, फर्स्ट एड, आवश्यक दवाइयों का ज्ञान, रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य शिक्षा तथा आपातकालीन स्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

इस डिप्लोमा को पूर्ण करने के पश्चात शिक्षार्थी स्वतंत्र स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर सकते हैं अथवा उन क्षेत्रों में, जहाँ डॉक्टर या चिकित्सा परामर्शी उपलब्ध नहीं हैं, अपना प्राथमिक चिकित्सा केंद्र प्रारंभ कर सकते हैं।

यह पाठ्यक्रम W.H.O. द्वारा अनुशंसित तथा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं स्किल इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह एक रोज़गारोन्मुखी पाठ्यक्रम है, हालांकि यह MCI / DCI पंजीकृत नहीं है और डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस का अधिकार प्रदान नहीं करता।

नामांकन अवधि

वर्ष भर नामांकन उपलब्ध

पाठ्यक्रम अवधि

२ वर्ष

न्यूनतम योग्यता

१०+२ (इंटर)

प्रशिक्षण प्रकार

सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक

पाठ्यक्रम की विशेषताएँ

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मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम

यह पाठ्यक्रम W.H.O. द्वारा अनुशंसित तथा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं स्किल इंडिया से मान्यता प्राप्त है।

व्यावहारिक चिकित्सा प्रशिक्षण

सामान्य बीमारियों का उपचार, फर्स्ट एड, आवश्यक दवाइयों का ज्ञान एवं आपातकालीन देखभाल का प्रशिक्षण।

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य शिक्षा और जन-कल्याण सेवाओं हेतु विशेष रूप से तैयार।

रोज़गारोन्मुखी पाठ्यक्रम

स्वतंत्र स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने अथवा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र प्रारंभ करने का अवसर।

परीक्षा पाठ्यक्रम संरचना

दो वर्षीय डिप्लोमा | कुल २००० अंकों का विभाजन

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प्रथम वर्ष (१००० अंक)

क्र.सं. विषय कुल अंक सैद्धांतिक / प्रायोगिक मौखिक / प्रायोगिक
सामान्य शरीर रचना१००७०३०
सामान्य शरीर क्रिया विज्ञान१००७०३०
सामान्य विकृति विज्ञान१००७०३०
समाज शास्त्र१००७०३०
अंग्रेज़ी भाषा का अभ्यास१००७०३०
औषधि१००७०३०
सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं महामारी विज्ञान१००७०३०
संक्रामक रोग१००७०३०
राष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्या१००७०३०
१०स्वास्थ्य सेवा में ३ माह का कार्य अनुभव१००३०
प्रथम वर्ष कुल प्राप्तांक १००० अंक | उत्तीर्णांक – ३००

द्वितीय वर्ष (१००० अंक)

क्र.सं. विषय कुल अंक सैद्धांतिक / प्रायोगिक मौखिक / प्रायोगिक
स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामुदायिक फार्मेसी१००७०३०
प्राथमिक उपचार१००७०३०
प्रारंभिक प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान१००७०३०
नर्सिंग देख-भाल कौशल१००७०३०
स्वास्थ्य एवं पर्यावरण१००७०३०
रोगी सुरक्षा१००७०३०
अंग्रेज़ी भाषा का अभ्यास१००७०३०
चिकित्सा अभ्यास१००७०३०
परियोजना आधारित व्यवहारिक ज्ञान१००३०
१०स्वास्थ्य सेवा में ३ माह का कार्य अनुभव१००३०
दो वर्षीय कुल प्राप्तांक २००० अंक
श्रेणी विभाजन
  • प्रथम श्रेणी – ६०० अंक
  • द्वितीय श्रेणी – ५०० अंक
  • तृतीय श्रेणी – ४०० अंक
जरूरी सूचना

यह दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करता है, जिससे अभ्यर्थियों को रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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इस पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम योग्यता १०+२ (इंटरमीडिएट) है। चिकित्सा क्षेत्र का पूर्व अनुभव अनिवार्य नहीं है।

नहीं, यह पाठ्यक्रम डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस का अधिकार नहीं देता। यह MCI / DCI पंजीकृत नहीं है, लेकिन प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने हेतु प्रशिक्षित करता है।

इस पाठ्यक्रम के पश्चात अभ्यर्थी स्वतंत्र स्वास्थ्य कार्यकर्ता, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं आपातकालीन सहायता सेवाओं में कार्य कर सकते हैं।

हां, यह पाठ्यक्रम W.H.O. द्वारा अनुशंसित तथा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं स्किल इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त है और जन-स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में सहायक है।

जी हां, यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लिए उपयोगी है जहाँ डॉक्टर या चिकित्सा परामर्शी आसानी से उपलब्ध नहीं होते। यह पाठ्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आज ही आवेदन करें और प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सा प्रशिक्षण में डिप्लोमा प्राप्त करें

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूर्ण करने के पश्चात अभ्यर्थी स्वास्थ्य देख-भाल सहायक, चिकित्सा सेवा कार्यकारी, ए.एन.एम., ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा सहायक, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी तथा सहायक चिकित्सक के रूप में कार्य कर सकते हैं।

इस पाठ्यक्रम के माध्यम से अभ्यर्थी समाज में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर जन-कल्याण के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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